दाहोद. राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ गुजरात के दाहोद जिला द्वारा शिक्षक सर्वेक्षण कसौटी की समीक्षात्मक बैठक का आयोजन 24 अगस्त को राष्ट्रीय सचिव मोहनजी पुरोहित के सानिध्य में एवं दाहोद के अध्यक्ष बलवंतभाई डांगर की की अध्यक्षता में किया गया।
बैठक का शुभारंभ पल्लवी पटेल ने सरस्वती वंदना के साथ किया। दाहोद के जिला मंत्री नितेश भाई पटेल ने सभी तहसील से सर्वेक्षण कसौटी के बारे में विवरण लिया।
दाहोद में शिक्षकों का कुल महेकम 11002 है, इसमें से 2049 शिक्षकों ने सर्वेक्षण कसौटी में भाग लिया और 8953 शिक्षकों ने परीक्षा का संपूर्ण बहिष्कार किया। 81.37% शिक्षकों ने परीक्षा का बहिष्कार करके राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ गुजरात द्वारा शिक्षक के आत्म सम्मान पर घात समान परीक्षा के संपूर्ण बहिष्कार के आह्वान को प्रचंड समर्थन मिला।
जिलाध्यक्ष बलवंत भाई डांगर ने कार्यकर्ताओ को धन्यवाद देते हुए कहा कि सच में यह शिक्षकों की एकता की जीत है। आपने पिछले कुछ दिनों से संगठन के सच्चे सिपाही की भाती दिन- रात काम किया इसी का यह परिणाम है की दाहोद को यह अभूतपूर्व सफलता प्राप्त हुई है।
उन्होंने बताया कि समग्र घटनाक्रम में मोहनजी पुरोहित गुजरात के प्रभारी ने अद्भुत साहस एवं नेतृत्व की पराकाष्ठा का दर्शन करवाया जिसके अंतर्गत एक के बाद एक कूटनीतिक निर्णय लेकर, प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन करके गुजरात के शिक्षा मंत्रालय एवं उनकी गोदी में बैठने वाले शिक्षक संघ को करारा जवाब दिया। मोहनजी ने हमारी मांग परीक्षा रदृ नहीं तो परीक्षा का संपूर्ण बहिष्कार निर्णय पर अडिग रह कर पूरे गुजरात में शिक्षको के आत्मसम्मान की रक्षा कर शिक्षकों के हृदय में अभूतपूर्व स्थान बनाकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ गुजरात का परचम लहरा कर गुजरात के समग्र शिक्षकों के हृदय मैं जो स्थान राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ गुजरात का बनाकर सभी कार्यकर्ता का गौरव बढ़ा दिया उसके लिए समग्र गुजरात के कार्यकर्ता उनके सदैव ऋणी रहेंगे।
मोहन जी का आभार प्रदर्शित करते हुए कहां कि यह सफलता गुजरात के इतिहास में सवर्ण अक्षरों में लिखी जाएगी क्योंकि गुजरात के शिक्षक की आत्म सम्मान की रक्षा हेतु , शिक्षक जागरण हेतु, शिक्षक एकता हेतु राष्ट्रीय महासंघ गुजरात द्वारा परीक्षा बहिष्कार का जो आह्वान किया गया है इसमें मोहनजी के मार्गदर्शन का अभूतपूर्व योगदान रहा है। पिछले 10 दिनों में मोहन जी सरकार से वार्ता हेतु तीन बार गुजरात में पधारे और सरकार से वार्तालाप एवं प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया, गुजरात की 5 ऑनलाइन बैठक मे भी हाजिर रहे और पूरे गुजरात में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने लोकप्रियता बढ़ाने में प्रचंड साहस एवं गुजरात की प्रांत टीम ,जिला टीम, तहसील की टीम एवं गुजरात के हर एक शिक्षक को जो बल प्रदान किया है वह बहुत ही सराहनीय एवं अद्वितीय है। इनसे हम प्रेरणा लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ को और मजबूत बनाए।
अंत मे राष्ट्रीय सचिव मोहन पुरोहित ने बताया कि राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की प्रतिबद्धता शिक्षकों के हितों के प्रति है इसलिए गुजरात मे शिक्षकों की परीक्षा का बेतुका निर्णय लिया था जिसे रद्द करने की मांग की लेकिन शिक्षमन्त्री द्वारा अनदेखा करने पर परीक्षा बहिष्कार का निर्णय लिया एवं राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ गुजरात को ऐतिहासिक सफलता मिली यह आप जैसे गुजरात के कार्यकर्ताओं की मेहनत एवं गुजरात के जाग्रत शिक्षको का परिणाम है। इस हेतु इन्होंने समग्र टीम गुजरात का अभिनंदन किया एवं बताया कि कार्यकर्ता के नाते सदैव हमे कटिबद्ध रहना आवश्यक है, दाहोद जिले में भी शिक्षको ने आप सबके योगदान से परीक्षा बहिष्कार में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है।
अंत में दाहोद के जिला मंत्री नितेष भाई ने आभार प्रकट किया और अर्जुन भाई ने कल्याण मंत्री कर बैठक की पूर्णाहुति की।