अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के शैक्षिक प्रकोष्ठ की संगोष्ठी
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश के कुलपति प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने कहा कि विज्ञान और तकनीक के साथ नवोन्मेषी और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों में नवीन शोध ही भारत को आर्थिक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना सकते हैं।
कुलपति प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा 26 अप्रेल 2021 को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के शैक्षिक प्रकोष्ठ की ओर से शोध के विषय, गुणवत्ता और प्रक्रिया विषय पर आॅनलाइन संगोष्ठी को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज शोध के विषय के रूप में भारत के विविधतापूर्ण सामाजिक- सांस्कृतिक समाज की विशेषताओं,भारतीय वॉग्मय में निहित ज्ञान राशि के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक पक्ष तथा भारतीय इतिहास की सम्यक दृष्टि का सर्वथा अभाव दिखता है। आज आवश्यकता है कि भारत के शास्त्रों लोक के विविध रंगों को अपने अध्ययन का केन्द्र बनाया जाए। हमारे राष्ट्रीय शिक्षा नीति से भी ऐसी ही अपेक्षा है। उन्होँने कहा कि हमारे जनजातीय समाज की परम्पराओं और पहचान को विकृत करने का प्रयास हो रहा है जो हमारी सांस्कृतिक और राष्ट्रीय एकता के लिये घातक है। अत: इस प्रकार के शोध की महती आवश्यकता है जो भारत के सही स्वरूप को प्रदर्शित करती हो।
मौलिक शोध को बढ़ावा देना होगा : प्रो जे पी सिंघल
संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अध्यक्ष प्रो जे पी सिंघल ने कहा कि एक राष्ट्रीय शैक्षिक संगठन के रूप में हमारा यह दायित्व है कि इस प्रकार के विभिन्न विषयों को वर्गीकृत कर अलग अलग विषयों में रूचि रखने वाले अध्यापकों के समूह बनाया जाए जो इस प्रकार के शोध विषयों को बढ़ावा दे सके। उन्होँने शोध की गुणवत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि शोध निर्देशक और शोधार्थियों को चलती आ रही परिपाटियों को छोड़ना होगा। उन्हें सुविधाजनक मानसिकता से बाहर निकल कर मौलिक शोध को बढ़ावा देना होगा। संगोष्ठी का संचालन शैक्षिक प्रकोष्ठ के अभा प्रमुख प्रो शैलेष मिश्रा तथा धन्यवाद ज्ञापन जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के आचार्य प्रो माधव गोविन्द ने किया।
संगोष्ठी में इन्होंने की शिरकत
संगोष्ठी में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेन्द्र कपूर, राष्ट्रीय महामंत्री शिवानन्द सिन्दकेरा, अतिरिक्त महामंत्री डा निर्मला यादव,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हिम्मत सिंह जैन, पी वेंकटराव,डा कल्पना पांडे, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष संजय कुमार राउत, संयुक्त मंत्री डॉ नारायण लाल गुप्ता एवं अनेक राज्यों के प्रतिनिधि शामिल थे।