अगर आप अपनी बेटी को सशक्त बनाना चाहते हो तो, मां और बेटी के बीच में मित्रवत व्यवहार होना चाहिए। वह सारी बातें जो एक लड़की अपनी सखी से करती है, वह बातें अगर मां और बेटी के बीच में होने लगे तो, निश्चित रूप से आने वाले समय में सभी बेटियां सशक्त होंगी। उन की और आने वाली समस्याओं का समाधान भी होने लगेगा। यह बात विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन की पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉक्टर प्रेमलता चुटैल द्वारा व्यक्त की गई है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ एवं मध्य प्रदेश शिक्षक संघ की उज्जैन इकाई के आहवन पर यह सम्मेलन संपन्न हुआ। सम्मेलन का विषय “नारी सशक्तिकरण” था। इसका आयोजन तराना के सी एम राईस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हुआ।
इसके आगे डॉ प्रेमलता चुटैल ने कहा कि, नारी शक्ति का स्वरूप होती है। इसको ग्रहण करने वाला भी शक्तिमान होना चाहिए। जिस प्रकार से शक्ति स्वरूपा मां पार्वती का ग्रहण शक्तिमान भोलेनाथ द्वारा किया गया था। कार्यक्रम की विशेष अतिथि श्रीमती सुनीता राठौर ने कहा कि आज की नारी अबला नहीं रही है। इसके साथ, कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा तराना की नगर अध्यक्ष श्रीमती चित्रा वाजपेई ने कहा की आज के दौर में नारियों ने कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं लेकिन फिर भी कहीं-कहीं उन पर बंधन भी है।
बता दें, अतिथि का परिचय श्रीमती सोनिया पालीवाल ने करवाया, कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सीमा सोलंकी ने किया, आभार प्रदर्शन श्री दिग्विजय सिंह चौहान संस्था के प्राचार्य एवं जिला उपाध्यक्ष और मध्य प्रदेश शिक्षक संघ जिला उज्जैन द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिले की कई महिला शिक्षिका सहित संभागीय सचिव श्री जगदीश सिंह केलवा, जिला अध्यक्ष श्री सुभाष चंद्र पाटीदार, माकडोन तहसील अध्यक्ष श्री कैलाश चंद्र गामी की उपस्थिति रही।