शिक्षक राष्ट्र हित और समाज निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं- प्रो. जे. पी. सिंघल
शिमला, हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के द्वारा प्रांत स्तरीय कर्तव्य बोध कार्यक्रम आभासी पटल पर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अखिल भारतीय राष्ट्रीय अध्यक्ष आभासी पटल की अध्यक्षता में मनाया गया । कार्यक्रम में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ अखिल भारतीय राष्ट्रीय सचिव पवन मिश्रा विशेष तौर पर उपस्थित रहे।
प्रो. सिंघल ने सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक को हमेशा कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ते हुए समाज निर्माण में अपनी भूमिका को सुनिश्चित करते रहना चाहिए । राष्ट्रहित में शिक्षा, शिक्षा के हित में शिक्षक और शिक्षक के हित में समाज इस प्रकार की परिकल्पना के साथ अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ कार्य करता है । प्रो. सिंघल ने बताया कि शिक्षक को अपने चरित्र को निरंतर उच्च मापदंडों में स्थापित करते रहने के लिए लगे रहना चाहिए । शिक्षक का कार्य केवल वेतन प्राप्त करके शिक्षण को एक आजीविका बनाकर अपने परिवार का भरण पोषण करना मात्र नहीं है बल्कि इससे भी बढ़कर समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका को सुनिश्चित करना है ।उन्होंने कहा कि सदियों से ही शिक्षक का स्थान समाज में ऊंचा रहा है और शिक्षकों को अपने इस स्थान को बरकरार रखने के लिए हमेशा प्रयासरत रहना चाहिए।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय राष्ट्रीय सचिव पवन मिश्रा ने अपने विचार रखते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के शिक्षक निरंतर अपने कर्तव्य का पालन करते हुए राष्ट्रहित में शिक्षा देने के मूल मंत्र को ध्यान में रखकर कार्य कर रहे हैं उन्होंने हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ द्वारा हिमाचल प्रदेश में विपरीत भौतिक स्थितियों के बावजूद बहुत अच्छा कार्य करने के लिए समूची कार्यकारिणी को बधाई दी।
प्रांत महामंत्री डॉ मामराज पुंडीर ने सभी प्रतिभागियों का परिचय करवाया । हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत अध्यक्ष पवन कुमार ने मुख्य अतिथि सहित सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ द्वारा हिमाचल प्रदेश में किए जा रहे हैं सामाजिक एवम राष्ट्रहित के कार्यक्रमों की जानकारी एवं सरकार स्तर पर हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ द्वारा उठाए गए विभिन्न विषयों का विस्तार पूर्वक वर्णन किया। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत मीडिया प्रमुख शशि शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के 400 प्रतिभागियों ने आभासी पटल के माध्यम से भाग लिया । इस प्रकार के कर्तव्य बोध कार्यक्रम प्रदेश भर में जिला खंड एवं मंडल स्तर तक आयोजित किए जाएंगे।