अमरावती, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघाकी मुख्य विचारधारा राष्ट्र के हित में शिक्षा, शिक्षा के हित में शिक्षक, शिक्षक हित में समाज के तहत नियोजित स्थायी कार्यक्रम की शृंखला में कर्तव्य बोध कार्यक्रम का आयोजन संत गाडगेबाबा अमरावती विद्यापीठ शिक्षण मंचद्वारा नरसम्हा हिरय्या महाविद्यालय में किया गया। प्रो. प्रदीप खेडकर की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में, अमरावती विश्वविद्यालय में लंबे समय तक सेवा प्रदान करने वाले प्रो. ओमनवार को सम्मानित किया गया और उनके कर्तव्य की भावना से सहभागी शिक्षक को आत्म-अनुभव से लाभान्वित किया गया। महाराष्ट्र के उच्च शिक्षा विभाग के पूर्व निदेशक डॉ के एम कुलकर्णी, विश्वविद्यालय व्यवस्थापन परिषद के सदस्य प्रिंसिपल डॉ मीनल भोडे और शिक्षण मंच महामंत्री डॉ सुनील आखिरे व्यासपीठ पर मौजूद थे।
इस अवसर पर उपस्थित प्राध्यापकों के साथ बातचीत करते हुए, डॉ. ओमनवार ने कहा कि शिक्षक के रूप में समाज में काम करते हुए, आपको एक ऐसा शिक्षक होना चाहिए जो आदर्श व्यक्तित्व और विचारधारा का धनी है। उन्होंने यह भावना व्यक्त की कि उनका काम छात्रों के बौद्धिक, भावनात्मक, मानसिक, वैचारिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में उपलब्ध संसाधनों की उपयोगिता को पहचानकर छात्रों और शिक्षकों के बीच बढ़ रही दूरी को मिटाना शिक्षकों की जिम्मेदारी है।
डॉ कुलकर्णी ने कहा कि, शिक्षकों को अपने कर्तव्यों के दायरे का विस्तार करने के बारे में सोचना चाहिए और वे उसी तरह से सामाजिक कार्य करे।
कार्यक्रम के अध्यक्षीय भाषण में अध्यक्ष प्रो. प्रदीप खेडकर ने कहा कि एक शिक्षक संघटन के रूप में हम समर्पण के साथ काम कर रहे हैं ताकि शिक्षकों के आचरण का मार्गदर्शन किया जा सके। उन्होंने सभी शिक्षकों से इस संगठन यात्रा में जुड़ने की अपील की। शिक्षण मंच उन शिक्षकों की सक्षम पीढ़ी बनाने की दिशा में काम कर रहा है जो अधिकारों के लिए मांग की बजाय समाज के मन की बात सुनते हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों के माध्यम से उत्कृष्ट सेवा के लिए डॉ. राजेश बुरंगे, निदेशक, राष्ट्रीय सेवा योजना, डॉ. दिनेश सातंगे, निदेशक, छात्र विकास कक्ष और डॉ. दिलीप इंगोले, निदेशक, नवाचार विभाग को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम कि प्रस्तावना महामंत्री डॉ सुनील आखरे ने रखी और संचालन प्रचार प्रमुख डॉ. दिनेश खेडकरने किया । इस कार्यक्रम में कई शिक्षक मौजूद रहे ।