13 अप्रेल को चौराहों पर रंगोली बनाकर घरों को सजाएं
नई पीढ़ी को बताएं हमारी भारतीय संस्कृति के बारे में
गांधीनगर (गुजरात)। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ गुजरात के महिला संवर्ग की ऑनलाइन बैठक 6 अप्रेल को प्रदेश महिला उपाध्यक्ष पल्लवी बेन पटेल की अध्यक्षता में हुई। बैठक के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के माध्यमिक संवर्ग के राष्ट्रीय सचिव मोहन पुरोहित थे।
पुरोहित ने अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ओर से भारतीय नव वर्ष (13 अप्रैल 2021) को उत्साह पूर्वक कैसे और क्यों मनाया जाता है और इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हम पाश्चात्य संस्कृति के अंधभक्त बनते हुए हमारी भारतीय संस्कृति को ही भूलते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सृष्टि नियंता ब्रह्मा जी ने जब सृष्टि की रचना की तब हमारी प्रकृति भी कैसे खिली हुई थी, रंग बिरंगी फूलों की बाहर से पूरी प्रकृति नव पल्लवित हो जाती है और तभी हमारा नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाता है। हम सब भारतीय नववर्ष पर चौराहे पर रंगोली बनाकर घरों को सजाना है और एक—दूसरे को शुभकामना देनी हैं। उन्होंने कहा कि हमारी पाठशाला परिसर में रंगोली सजाकर नई पीढ़ी को भी इन खुशियों में शामिल कर हमारी संस्कृति के बारे में अवगत कराना है। चौराहे, रेलवे स्टेशन व बस स्टेशन पर होर्डिंग लगाकर भारतीय नववर्ष की शुभकामनाएं देकर नव वर्ष मनाना है।
बैठक में पुरोहित ने संगठन का कार्य विस्तार करने और कार्यकर्ता को कैसे तैयार किया जाए संबंधी पूरी प्रक्रिया बताई। संगठन का कार्य विस्तार आत्मीय भाव एवं स्नेह से, लोक संवाद, लोक सम्पर्क एवं लोक सम्बन्ध बनाकर किया जा सकता है। इस अवसर पर बताया कि हमारा कार्य ईश्वरीय कार्य है अतः कार्य को पूजा समझते हुए करना है। उन्होंने बताया कि प्रवास के दौरान क्या अनुशासन रखना है क्या सावधानियां बरतनी है।
हमारा लक्ष्य, हमारी इकाई पाठशाला
पल्लवी बहन ने बताया कि जिले से लेकर तहसील और तहसील से विद्यालय तक बहनों को दायित्व देना है, हमारा लक्ष्य हमारी इकाई पाठशाला है, वहां तक हमें पहुंचना है और हमारी महत्वपूर्ण योजना दत्तक दीकरी में जिले और तहसील में कन्वीनर और सह कन्वीनर का भी चयन करना है, इस तरह हमारी महिला संवर्ग का विस्तार करना है। बैठक की शुरुआत पाटन की जिला महिला कन्वीनर अवनी बहन ने सरस्वती वंदना के साथ की। विधि राज्य दत्तक दीकरी कन्वीनर और मध्य संभाग संयोजक हसुमति बहन पटेल ने आभार व्यक्त किया। बैठक की समाप्ति अवनी बहन द्वारा कल्याण मंत्र से हुई।
स्कूली शिक्षकों के लिए होगी राष्ट्रीय शोध पत्र लेखन प्रतियोगिता
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ओर से समाज के समसामयिक मुद्दों पर विचार करने हेतु अखिल भारतीय शोध पत्र लेखन प्रतियोगिता 2021 का आयोजन किया जाएगा। उसमें स्कूल शिक्षा के शिक्षकों हेतु 4 विषय रखे गए हैं (1) शिक्षा के माध्यम से ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ भावना को बढ़ाना (2) ऑनलाइन शिक्षण की प्रभावशीलता (3) बच्चों का समग्र विकास-मातृभाषा की भूमिका (4) राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 क्रियान्वयन: अवसर और चुनौतियां। इसमें ₹100 की टोकन राशि देकर पंजीकरण करा सकते है। शोध पत्र की शब्द सीमा 3000 से 5000 शब्द है। शोध पत्र लेखन हिंदी, अंग्रेजी या मातृभाषा में कर सकते हैं और 31 मई 2021 तक सबमिट कर सकते है। इसमें 21000 का पहला पुरस्कार, 15000 का दूसरा पुरस्कार, 11000 का तीसरा पुरस्कार और 5100 के सात सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।