उदयपुर. शिक्षा विभाग की ओर से ढाई वर्षो में श्रेष्ठ कार्य किए गए है जिससे शिक्षकों में सरकार व शिक्षा विभाग के प्रति सकारात्मक छवि बनी हुई है। किन्तु हाल ही में तृतीय श्रेणी शिक्षको के लिए हो रहे सेटअप परिवर्तन व 6 डी प्रक्रिया को लेकर राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री राजस्थान सरकार को पत्र प्रेषित कर सकारात्मक कार्रवाई की मांग की है।
राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के प्रदेश महामंत्री अरविंद व्यास ने बताया कि चुनावी घोषणा पत्र में 6 डी बन्द करने की घोषणा की थी। जिसके अनुरूप सेटअप परिवर्तन बन्द किया जाए अथवा इसे ऐच्छिक किया जाए जिससे नव नियुक्त ऊर्जावान शिक्षकों को अपनी इच्छा से माध्यमिक में जाने का अवसर मिल सके व कोर्ट प्रकरणों की संख्या नही बढ़े। वहीं विगत कई वर्षों से प्रारम्भिक शिक्षा में कार्यरत शिक्षकों को दूरस्थ पदस्थापन के दंश से मुक्ति मिल सके।
संगठन के प्रदेशाध्यक्ष सम्पतसिंह ने कहा कि हाल ही में नवीन सेवा नियम 2021 की घोषणा के साथ नियम 6 डी में बदलाव के तहत पंचायत राज के 3 वर्ष के अनुभव की शर्त हटाकर इसे शून्य वर्ष करने की घोषणा भी की गई । ऐसे में अनुभव की शर्त शून्य करने के नवीन नियम का उपयोग कर स्वैच्छिक आवेदन लेते हुए शिक्षा विभाग में सेटअप परिवर्तन व 6 डी के नियम में शिथिलता प्रदान की जा सकती है।
सम्पतसिंह ने बताया कि यदि माध्यमिक शिक्षा के विद्यालयों के रिक्त पदों व प्रारम्भिक शिक्षा के रिक्त पदों को पृथक-पृथक सीधी भर्ती से भरा जावे तो दोनों विभागों में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। जैसा कि पूर्ववर्ती सरकारों में होता रहा है। इसके बाद भी माध्यमिक शिक्षा में शिक्षको की आवश्यकता हो तो शिक्षको से विकल्प लेकर ही सेटअप परिवर्तन किया जाना समीचीन होगा।
जबरन सेटअप बदलने की कार्रवाई की गई
संगठन के प्रदेश संगठन मंत्री प्रहलाद शर्मा ने बताया कि 7 वर्षों में नियम 6 डी का अनुचित तरीके से उपयोग कर कई शिक्षकों माध्यमिक शिक्षा विभाग में भेजकर जबरन सेटअप बदलने की कार्रवाई की गई। हजारों कोर्ट प्रकरण भी बने। एक तरफ काउंसिलिंग कर स्वेच्छिक भेजना बताया तो दूसरी तरफ जो सेटअप बदलवाना नही चाहता उन्हें अनुपस्थित मानकर जबरन भेजने के आदेश भी किये।वही किसी को भी यात्रा व दैनिक भत्ता भी नही दिया। काउंसिलिंग से सेटअप बदलने में उपस्थित शिक्षको को स्वेच्छिक जाना बताते हुए योगकाल की 10 दिन पीएल एवं यात्रा व दैनिक भत्ता भी नही दिया। ऐसे में जब उपस्थित शिक्षको का स्वेच्छिक सेटअप परिवर्तित माना तो फिर अनुपस्थित रहने वालों के लिए स्वेच्छिक नही मानकर उन्हें नियम 6 डी से छूट देना न्याय के प्राकृत सिद्धांत के अनुरूप था।किंतु ऐसा नही कर ऐसे शिक्षको को दूरस्थ स्थान पर जबरन पदस्थापित किया गया। वही विगत 7 वर्षों में नियम 6 डी से जबरन भेजे गए तकरीबन 2 लाख से अधिक शिक्षको को योगकाल की 10 पीएल तथा यात्रा व दैनिक भत्ता दिया जाना न्यायसंगत होगा।
संगठन के प्रदेश अतिरिक्त महामंत्री महेंद्र लखारा ने बताया कि नियम 6 डी से सेटअप परिवर्तन वैकल्पिक करने, विगत 7 वर्षों से नियम 6 डी के तहत सेटअप परिवर्तन किये गए समस्त शिक्षकों को योगकाल 10 पीएल एवं यात्रा व दैनिक भत्ता प्रदान करने , 6 डी की काउंसिलिंग में भाग लेने वाले शिक्षकों के पदस्थापन को स्वैच्छिक मानने तथा काउंसिलिंग में अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों को अनैच्छिक मानकर उन्हें यथावत प्रारम्भिक में ही रखने, जबरन दूरस्थ पदस्थापित कर अत्याचार करने जैसी 6 डी सेटअप परिवर्तन की प्रक्रिया को अपनी चुनावी घोषणा के अनुरूप बन्द करने की न्यायसंगत मांग को लेकर राजस्थान सरकार को पत्र भेजा है।
जिला मंत्री चन्दन मल बागड़ी ने कहा कि सरकार संगठन की न्याय सगंत मांगों पर विचार नहीं करती है तो संगठन आन्दोलन की आगामी रणनीति तय करेगा ।