कोटा। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (उच्च शिक्षा) विभाग द्वारा गुरु वंदन कार्यक्रम विवेकानंद महाविद्यालय में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ.एम.एल.साहू ने की और मुख्य वक्ता विभाग के डॉ.शिव कुमार मिश्रा रहे। वहीं, विषय प्रवर्तन डॉ.पूर्णचंद्र उपाध्याय ने किया। विषय प्रवर्तन करते हुए डॉ.पूर्णचंद्र उपाध्याय ने कहा कि, भारत में गुरु-शिष्य की परंपरा सनातन रही है। यह परंपरा आदिकाल से चली आ रही है। इसे पालन करना एवं गुरु-शिष्य के संबंधों को पुनर्व्याख्यायित करना ही ए.बी.आर.एस.एम. का उद्देश्य है।
इसके बाद, मुख्य वक्ता डॉ.शिवकुमार मिश्रा ने प्राचीन भारतीय परंपरा और ऐतिहासिक प्ररिप्रेक्ष्य में गुरु का महत्व बताया। भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान का यह वैशिष्ट्य ही अन्य संगठनों से इसे अलग करता है। अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए डॉ.एम.एल.साहू ने कहा कि भारतीय मूल्य सनातन संस्कृति का प्रतीक है। भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का उद्देश्य भारतीय संस्कृति की रक्षा करना और इसे विश्व की सिरमौर संस्कृति बनाना है।