चण्डीगढ़। अध्यापकों की मांग के चलते अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के ग्यारह सदस्यीय शिष्टमण्डल महासंघ ने शिक्षा निदेशक श्री हरसुहिन्दर पाल सिंह बराड़ (पीसीएस) ने मांग पत्र सौंपा। यह मांग पत्र संयोजक डॉ.धर्मेन्द्र शास्त्री के नेतृत्व में सौंपा गया। इस मौके पर डॉ.धर्मेन्द्र शास्त्री ने बताया कि, मांगों पर चर्चा के दौरान निदेशक महोदय ने गम्भीरता पूर्वक मांगों को सुना और सभी मांगों को जल्द हल करने के सकारात्मक संकेत दिए।
डॉ.धर्मेन्द्र ने कहा कि मुख्य मांगों में निम्नलिखित मुद्दे शामिल रहे-
1. 2015 में भर्ती हुए टीचर्स की छठे व सातवें पे कमीशन के अनुसार पे फिक्स करना ।
2. नई रेग्युलर भर्तियों में टीचर्स को आयु में रियायत देना।
3. समग्र शिक्षा के तहत पिछले 20-21 वर्षों से काम करने वाले टीचर्स को और कॉन्ट्रेक्ट, गेस्ट फेकल्टी, कम्प्यूटर टीचर्स, एनटीटी, एसटीटी, सीआरसी, यूआरसी आदि सभी कांट्रेक्ट पर काम करने वाले टीचर्स को रेग्युलर करना और उनके लिए सुरक्षित पॉलिसी बनाना।
4. 2004 के बाद भर्ती हुए टीचर्स के लिए पुरानी पेन्शन योजना को लागू करना।
5. 2004 से पहले प्रकाशित नोटिफिकेशन के तहत भर्ती हुए टीचर्स के लिए तुरन्त प्रभाव से पुरानी पेन्शन योजना लागू करना।
6. सभी कैडर के टीचर्स की ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के तहत तबादले करना।
7. पिछले काफी समय से ऑन पे स्केल पर काम कर रहे स्कूल मुखियाओं की डीपीसी करके प्रोन्नत करना और उन्हें
रेग्युलर पे स्केल देना ।
8. एनटीटी इन्टर्न्स की सेलरी बढ़ाना और रेग्युलर एनटीटी टीचर्स भर्ती होने तक इन्टर्न्स के लिए सुरक्षित नीति बनाना।
9. अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ चण्डीगढ़ के लिए एक ऑफिस अलाट करना।
उपरोक्त सभी मांगों को सुनने के बाद निदेशक महोदय ने कहा कि, उनकी मांगों पर गंभीरता पूर्वक कार्यवाही होगी और जल्द हल निकाला जाएगा। इसके लिए डॉ.धर्मेन्द्र सहित महासंघ के शिष्टमण्डल ने निदेशक हरसुहिन्दर पाल सिंह बराड़ का धन्यवाद किया। शिष्टमण्डल ने विभाग के उपनिदेशक सुनील बेदी व अन्य अधिकारियों से भी मुलाकात की और सभी मांगों पर चर्चा की। उनसे भी सकारात्मक कार्रवाई के संकेत मिले।