मीरजापुर, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के तत्वधान में जनपद के काम्पोजिट विद्यालय फत्तेपुर के परिसर में ‘इंडिया से भारत की ओर’ विषयक शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया| कार्यक्रम का आयोजन मे बतौर मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक कमलेश , मुख्य अतिथि शशांक शेखर पांडेय (प्रदेश संयुक्त मंत्री), विशिष्ट अतिथि अखिलेश ‘वत्स’ मंडलीय अध्यक्ष, विंध्याचल मंडल मीरजापुर, समाजसेवी निहाल सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी,जमालपुर डॉ. अरुण सिंह का पाथेय प्राप्त हुआ|
मुख्य वक्ता ने कहा कि अपना प्राचीन विरासत, परंपरा, शिक्षा, तकनीक, आयुर्वेद संपन्न था। जिस कारण विश्व में भारत सोने की चिड़िया कहलाता था। भारत संपन्न विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में शिक्षक का महत्वपूर्ण स्थान है। हमे अपनी सभ्यता और संस्कति को जीवंत बनाते हुए अपने दायित्वों का कुशल निर्वहन करना है।
मुख्य अतिथि ने बताया कि हमे अपनी सभ्यता और संस्कति को जीवंत बनाते हुए अपने दायित्वों का कुशल निर्वहन करना है। साथ ही संगठन का राष्ट्र व प्रांत स्तर की रूप रेखा को रखा। महासंघ ने राष्ट्र स्तर पर दो लाख के लगभग शैक्षिक संस्थानों में एक साथ एक अगस्त को स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव के माध्यम से आजादी के संघर्ष, त्याग, महापुरुषों के बलिदान तथा विचारों को समाज को बताया।
विशिष्ट अतिथि ने कहा कि संगठन सदस्यों का समूह है। सदस्य निर्माण से संगठन सशक्त व मजबूत होगा। सदस्यों ने जो ध्येय बनाया है उसके अनुरूप महासंघ विंध्याचल मंडल में सशक्त संगठन बना है। शिक्षक की मांग के साथ दायित्व व कर्तव्य को सदैव महत्व दें। हम सब महासंघ के दायित्वान कार्यकर्ता हैं जो संगठन व राष्ट्र को सशक्त बनाने के प्रति संकल्पित है। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संयोजक राजनाथ तिवारी तथा कार्यक्रम का संचालन राकेश मौर्य ने किया।
संगोष्ठी में जिले के विभिन्न शिक्षा व सामाजिक क्षेत्रों के पदाधिकारियों के साथ सैकड़ों अध्यापकों ने हिस्सा लिया|