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कर्नाटक राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर संगोष्ठी

कलबुर्गी, कर्नाटक राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ कलबुर्गी द्वारा आज राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में मुख्य अतिथि राज्य विधान परिषद एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन टास्क फोर्स सदस्य अरुण शाहपुर ने कहा कि यह शिक्षा नीति छात्रों में अंकों और परीक्षा के भय से दूर कर ज्ञान और आत्मनिर्भर बनाने वाली शिक्षा पर जोर देती है। आज हमारे विद्यार्थी केवल नौकरी के लिए पढ़ाई करते हैं, ज्ञान के लिए नहीं। इसलिए आज हमारे देश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। नूतन शिक्षा नीति में छात्र विषय चयन से लेकर, अपने कौशल की दृष्टि से आगे पढ़ाई कर आने वाले समय में देश की स्थिति में बदलाव का वाहक बनेगा। हमारे पूर्वजों से मिला ज्ञान और कौशल से होनहार विद्यार्थियों को प्रत्येक क्षेत्र में सीखने से आत्मनिर्भर बनकर रोजगार उत्पन्न करने वाले युवाओं का निर्माण हो सकेगा, ऐसा उनका विश्वास है।
कर्नाटक राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ और अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ यह दोनों शिक्षकों की समस्याओं के साथ-साथ शिक्षा के उत्थान की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं। महासंघ का ध्येय वाक्य राष्ट्रहित में शिक्षा, शिक्षा हित में शिक्षक, शिक्षक हित में समाज है। किसी महान उद्देश्य को लेकर महासंघ देश के 24 राज्यों में अलग-अलग नामों से राष्ट्रीय विचारधारा को लेकर शिक्षकों के बीच में कार्यरत है, ‘मेरी पाठशाला- मेरा तीर्थ’ यह मिशन लेकर शैक्षिक महासंघ देश के अलग-अलग राज्यों में शिक्षक तन, मन और धन से समर्पित अपने स्कूल के सर्वांगीण विकास करने हेतु कटिबद्ध होकर अपने स्कूल को तीर्थ स्थल के समान तैयार करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। हम सबके लिए गौरव की बात है कि कर्नाटक में भी माध्यमिक शिक्षक संघ के द्वारा यह कार्य किया जा रहा है। शिक्षकों को प्रेरित करते हुए ऐसे विचार अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री शिवानंद सिंदनकेरा ने रखे।
उद्घाटन भाषण में पूर्व राज्यसभा सदस्य बसवराज पाटील स्टेडियम ने कहा कि आज की शिक्षा केवल परीक्षा में अंक प्राप्ति की दृष्टि से है, इस मैकाले की शिक्षा की अब हमारे समाज को को आवश्यकता नहीं है। हमें तो राष्ट्र निर्माण की शिक्षा, ज्ञानार्जन करने वाली और आत्मनिर्भर बनाने वाली शिक्षा की आवश्यकता है, जो केवल हमारी इस राष्ट्रीय शिक्षा नीति २०२० से ही मिल सकती है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि माध्यमिक शिक्षक संघ के राज्य अध्यक्ष संदीप बुदिहाल ने कहा कि यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति विद्यार्थी,शिक्षक और समाज तीनों को सम्मिलित करते हुए अपने क्षेत्रीय कौशल को लेकर छात्र- छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी, ऐसा उनका विश्वास था।
कर्नाटक के पूर्व विधान परिषद सदस्य अमरनाथ पाटिल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कि दूर दृष्टि का परिणाम यह नूतन राष्ट्रीय शिक्षा नीति जो हमारे राष्ट्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे देश को विश्व गुरु के शिखर पर ले जाने में यह शिक्षा नीति मील का पत्थर साबित होगी।
मंच पर उपस्थित कलबुर्गी के अपर आयुक्त के. जंटी, निदेशक विजय कुमार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह शिक्षा नीति को कार्य रूप में लाने में हम  सभी की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है और विशेष रूप से शिक्षकों को आगे आकर इस दिशा में अपना काम करना होगा। कार्यक्रम में महेश बसरकोड़ कर्ली विभाग प्रमुख, चंद्रशेखर पाटिल अध्यक्ष, संजीव कुमार पाटिल प्रधान कार्यदर्शी, शरणा बसावा पदवी  पूर्व कॉलेज प्राचार्य श्रीशैल उगड़े, जैसे अनेक पदाधिकारी, गणमान्य लोग एवं शिक्षक मौजूद रहे।

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