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राजकीय महाविद्यालय ओसियां में “इण्डिया से भारत की ओर” विषय पर व्याख्यान आयोजित

राजस्थान विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ (राष्ट्रीय ) इकाई
ओसियां, राजस्थान विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ (राष्ट्रीय )की स्थानीय इकाई  राजकीय महाविद्यालय ओसियां में आज स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव श्रृंखला के अंतर्गत “इण्डिया से भारत की ओर” विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया |कार्यक्रम का शुभारम्भ वरिष्ठ इतिहासविद डॉ. उषा पुरोहित द्वारा माँ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्पण कर किया गया |विषय प्रवर्तन करते हुए स्थानीय इकाई सचिव डॉ चन्द्रवीरसिंह भाटी ने कहा कि हमें स्वतन्त्रता के अमृत महोत्सव के अवसर पर हमारी स्वतंत्रता में योगदान देने वाले सभी ज्ञात एवं अज्ञात योगदानकर्ताओं के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए |
मुख्या वक्ता  राजस्थान विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ (राष्ट्रीय ) के जोधपुर संभाग संगठन मंत्री डॉ हरिसिंह राजपुरोहित ने “इण्डिया से भारत की ओर” विषय पर व्याख्यान करते हुए कहा कि आज की महती आवश्यकता है किअमृत महोत्सव के शुभ वर्ष में भारतीय स्वतंत्रता के लिए अनाम उत्सर्ग करने वाले सभी राष्ट्रीय चरितों को समाज के सामने रखें एवं उनके योगदान को इतिहास में अंकित करावें जिनके बारें में अभी तक जानकारी जन सामान्य तक नहीं पहुंची है | हम उन अगीतचरित राष्ट्र नायकों के बारे में हमारे अनुसन्धान के माध्यम स्थानीय एवं राष्ट्रीय स्टार पर उनके अवदान को रेखांकित करें |आज की आवश्यकता है की हम भारत केन्द्रित विमर्श खड़ा करें जिसका आधार हमारी संस्कृति और पुरातन गौरव हैं |हम एकनिष्ठ होकर भारत को एक आत्मनिर्भर तथा विकसित राष्ट्र के रूप में सुस्थापित करने हेतु अहर्निश कार्य करें |
इस अवसर पर वरिष्ठ आचार्य डॉ. गोविन्दनारायण पुरोहित ने कहा की आज का युवा जिस गति एवं शक्ति से स्टार्टअप्स और युनिकोर्न के माध्यम से विश्व में भारतीय वाणिज्य की धाक जमा रहा वह सराहनीय है |भारतीयों में अपनी अर्थव्यवस्था को और सुदृढ़ कर उच्चतम स्थान पर पहुँचाने की प्रबल सम्भावना है| पुराकाल में भी भारतीय उद्योगों ने इसे प्रमाणित किया है | ब्रिटिश काल से पूर्व विश्व के सकल घरेलु उत्पाद में भारत का योगदान 23 प्रतिशत के आसपास रहा है |हमें जन-जन के योगदान के माध्यम से समृद्ध सुशिक्षित विकसित और आत्मनिर्भर भारत की ओर की यात्रा को पूर्ण करना है| इस अवसर पर डॉ. अनिल कुमार परिहार, डॉ. मो.शाहिद, डॉ ममता सिंह, डॉ बजरंग कारपेंटर, श्री अशोक कुमार, श्री मनोज कुमार, श्री शेखर कंवरिया, डॉ संदीप प्रजापत, डॉ सुभाष भाटिया आदि सहित तीनों संकायों के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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