Welcome To ABRSM NEWS

राजस्थान शिक्षक संघ(राष्ट्रीय)के पदाधिकारियों ने शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में ड्यूटी लगाने का विरोध

जयपुर। हमारे देश की यह विडंबना रही है कि शिक्षकों को पढ़ाने के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी दी जाती रही है। वर्तमान में तो राज्य के चिकित्सा एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने शिक्षकों को राष्ट्रीय कार्य का हवाला देकर गैर शैक्षणिक कार्यों में डयूटी लगाने का  ट्रेंड बना लिया है। राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) ने इस बढ़ते ट्रेंड को खत्म करने के उद्देश्य से इसका विरोध शुरू कर दिया। गौरतलब है कि यह विरोध तब शुरु हुआ जब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ग्रुप-2 विभाग ने हाल ही में आदेश जारी किया जिसके अनुसार मौसमी बीमारी, गैर संचारी रोग तथा गंभीर बीमारियों के रोगियों की सर्वे करके दवा वितरण बीएलओ शिक्षकों से करवाने की बात कही गई।

संगठन के प्रदेश महामंत्री अरविंद व्यास ने बताया कि वर्तमान में स्माइल-3 के तहत घर-घर जाकर बालकों को शिक्षा देने के साथ-साथ गृहकार्य देने का भी आदेश है। ऐसे में विद्यालयों में शिक्षकों की अधिक संख्या में आवश्यकता होती है। वहीं शिक्षकों का उपयोग चिकित्सा व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा गैर शैक्षणिक कार्यों में लगाकर किया जा रहा है। बीएलओ शिक्षकों से भी चुनाव के अतिरिक्त कार्य लिए जा रहे है। शिक्षकों की इस प्रकार ड्यूटियां लगाने से बालको को पर्याप्त गृहकार्य व शिक्षण नहीं मिल पा रहा है। वहीं ड्यूटी पर लगे शिक्षकों का कार्यभार अन्य शिक्षकों पर पड़ने से समस्त बालकों की शिक्षण व गृहकार्य देने की व्यवस्था भी चौपट हो रही है।

संगठन के प्रदेशाध्यक्ष सम्पत सिंह ने कहा कि इस प्रकार का आदेश जारी करना बालकों एवं शिक्षकों के साथ अन्यायपूर्ण है।

संगठन के प्रदेश संगठन मंत्री प्रहलाद शर्मा ने बताया कि बीएलओ शिक्षकों को केवल चुनाव कार्य के लिए लगाया गया था। किन्तु चुनाव एवं अन्य राष्ट्रीय कार्यों का हवाला देकर इन्हीं से सभी प्रकार के कार्य करवाना अन्यायपूर्ण ही नहीं शोषण करने जैसा है। इस तरह शिक्षकों की ड्यूटियां लगाए जाने के आदेश, निःशुल्क शिक्षा के अधिकार कानून का प्रतिकार करते है।

संगठन ने राजस्थान के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर शिक्षकों की गैर शैक्षणिक कार्य में ड्यूटी के आदेश को निरस्त करने तथा शिक्षकों और बीएलओ की ड्यूटियां नहीं लगाने हेतु समस्त चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, जिला मजिस्टेट व जिला कलक्टर समस्त जिले के अधिकारियों को पाबंद करवाने की मांग की है ताकि घर-घर जाकर बालको के शिक्षण कार्य में गति व शैक्षिक माहौल बना रहे।

Written by
No comments

LEAVE A COMMENT