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सदस्यता अभियान सफल बनाकर इतिहास रचना कार्यकर्ताओं का कर्तव्य- मोहन पुरोहित

प्रदेश के सभी शिक्षकों ने शिक्षण सज्जता सर्वेक्षण कसौटी का किया विरोध

राष्ट्रीय महासंघ गुजरात राज्य की ऑनलाइन बैठक का आयोजन अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय सचिव मोहन पुरोहित के सांनिध्य एवं प्रांत अध्यक्ष घनश्याम भाई की अध्यक्षता में किया गया। बैठक की शुरुआत सरस्वती वंदना से की गई।

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ  गुजरात के प्रदेश महामंत्री रतुभाई गोल ने कार्यक्रम का परिचय देते हुए गुजरात के सभी जिलों से गुरुवंदना कार्यक्रम, सदस्यता अभियान एवं शिक्षक सज्जता सर्वेक्षण का विवरण प्रस्तुत किया। विवरण प्रस्तुत करते हुए रतुभाई गोल ने कहा कि गुजरात के सभी जिलों में 184 गुरु वंदना कार्यक्रम संपन्न हुए हैं। सदस्यता अभियान में सफलता  प्राप्त हुआ पर लक्ष्य पाने के लिए अभी और मेहनत की जरूरत है। शिक्षण सज्जता सर्वेक्षण कसौटी देने के लिए सारे जिले के शिक्षकों ने मना किया है। उन्होंने आगे कहा कि यह सर्वेक्षण कसौटी सिर्फ शिक्षकों के तालीम हेतु है, और किसी के लिए फर्जीयात नहीं कर सरकार ने महासंघ से मर्जियात किया है।

प्राथमिक संवर्ग के अध्यक्ष भीखाभाई पटेल ने संगठन के लिए अनुशासन का महत्व बताते हुए कहा की सरकार के साथ बैठक में संगठन शिक्षक सज्जता सर्वेक्षण कसोटी को फरजियात से  मर्जियात करवाया है। अब कोई शिक्षक यदि यह कसौटी नहीं देना चाहता तो न दे। शिक्षक तालीम हेतु सर्वेक्षण के लिए ही यह कसौटी है। उन्होंने यह भी बताया कि सारे जिले से शिक्षकों ने यह कसौटी देने के लिए मना किया है तो अगली बैठक में संगठन की ओर से सरकार को कसौटी रद्द करने के लिए गंभीरतापूर्वक मांग की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि हमारे लिए शिक्षक हित सर्वोपरी है। संगठन सदा ही शिक्षक हित को अपना दायित्व समझकर शिक्षकों की समस्या के निराकरण हेतु सरकार के साथ सतत संपर्क में है।

प्रांत अध्यक्ष घनश्याम पटेल ने माध्यमिक संवर्ग के आंदोलन में सभी शिक्षकों को बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि सरकार ने मांगो को पूरा नहीं किया तो आंदोलन के अगले चरण तय किए जाएंगे।

अखिल भारतीय राष्ट्रीय सचिव मोहन पुरोहित ने इस कसौटी पर सवाल उठाते हुए कहा कि गुजरात में कलेक्टर से लेकर चपरासी तक के नौकरी में आने के बाद उनसे किसी भी तरह की कोई कसौटी नहीं ली जाती तो शिक्षक की कसौटी क्यों? भारत के अन्य राज्यों में भी इस तरह शिक्षकों की कसौटी नहीं होती तो गुजरात मे  क्यों? यह शिक्षकों के साथ ज्यादती है, इससे गुजरात के शिक्षकों मे आक्रोश  फैला है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार को गंभीरता से इस विषय विचार कर इस कसौटी को रद्द करना चाहिए। संगठन की कोर कमेटी की ओर से राज्य के मुख्यमंत्री एवं शिक्षण सचिव रावसाहेब को पत्र लिखकर शिक्षक  सज्जता सर्वेक्षण कसौटी का संपूर्ण विरोध दर्ज किया जाएगा। मोहनजी ने आगे कहा कि सदस्यता अभियान में लक्ष्य तक पहुंचने में अभी बहुत मेहनत करनी है। गुजरात में सदस्यता अभियान का लक्ष्य 31 अगस्त तक 70 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों को सदस्य बनाकर इस बार इतिहास रचना है।

बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री रतु भाई गोल ने किया। इस बैठक में  प्राथमिक ग्रांटेड संवर्ग के उपाध्यक्ष उज्जवल भाई एवं महामंत्री अमीबहन, प्रांत, संभाग व विभाग के पदाधिकारी एवं गुजरात के हर जिले से अध्यक्ष, मंत्री, संगठन मंत्री उपस्थित रहे। प्रांत उपाध्यक्ष सरदार सिंह मछार द्वारा आभार और पल्लवी बहन पटेल द्वारा कल्याण मंत्र के बाद बैठक का समापन किया गया।

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