बड़ोदरा, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव में 1 अगस्त को एक ही दिन में देश के लगभग दो लाख विद्यालयों तक पहुंचने का लक्ष्य लिया है। इसके साथ ही देश के 75 विश्वविद्यालयों में स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव पर सेमिनार तथा 750 से अधिक महाविद्यालयों में व्याख्यान आयोजित करने का भी लक्ष्य लिया है। यह निर्णय बड़ोदरा (गुजरात) के ओम रीजेंसी में 26-27 फरवरी को संपन्न अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी बैठक में लिया गया है। बैठक को संबोधित करते हुए महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. जे पी सिंघल ने कहा कि यह सामाजिक परिवर्तन का दौर है और सामाजिक परिवर्तन का कार्य शिक्षक ही कर सकता है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 आई है और इसके सफलतम क्रियान्वयन की जिम्मेदारी भी हमारी है। महासंघ के कार्यकर्ता इस बात का ध्यान रखें कि इस नीति का सफलतम क्रियान्वयन किस प्रकार हो। नई शिक्षा नीति से क्या लाभ होगा? इसकी जानकारी छात्रों, अभिभावकों व शिक्षकों तक पहुंचाने की आवश्यकता है, इस दिशा में महासंघ के कार्यकर्ता प्रयास करें। इसके अतिरिक्त शिक्षकीय समस्याओं का समाधान कैसे हो इस पर भी विचार मंथन किया गया एवं केंद्रीय स्तर के विषयों पर शीघ्र ही केन्द्रीय शिक्षा मंत्री से चर्चा करने का निश्चय किया गया। साथ ही राज्यों से संबंधित मुद्दों पर राज्य संगठनों द्वारा राज्य सरकारों से आग्रह किया जाएगा। इस अवसर पर अन्य संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की गई। बैठक में महासंघ से संबद्ध देश के सभी राज्यों और विश्वविद्यालय संगठनों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।