कोलकाता। पश्चिम बंगाल में लगातार हो रहे शिक्षकों की नियुक्ति में घोटाले, शिक्षा विभागों में भ्रष्टाचार, शिक्षण संस्थानों में राजनीतिक दखल-गुंडागर्दी, शिक्षकों की डीए की मांग, तुष्टीकरण के लिए किसी खास धर्म को आधार पर विद्यार्थियों के साथ भेदभाव शिक्षकों पर हो रहे हमले सहित ऐसे कई मुद्दों को लेकर विशाल महारैली का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की पश्चिम बंगाल की इकाई नव उन्मेष प्राथमिक संघ, बंगीय शिक्षक ओ शिक्षाकर्मी संघ, जातीयतावादी अध्यापक ओ गवेश्क संघ द्वारा इस रैली का आयोजन किया गया। पश्चिम बंगाल शिक्षा-संस्कृति सुरक्षा मंच के बैनर तले कोलकाता महानगर में नाइंसाफी के खिलाफ नारा बुलंद किया। महारैली महानगर को जोड़ने वाली दो महत्वपूर्ण जगहों से निकली। हावड़ा स्टेशन से प्रारंभ होकर बड़ा बाजार फिर स्टैंड रोड, उसके बाद धरमतल्ला पहुंची। जबकि दूसरी रैली सियालदह स्टेशन से प्रारंभ होकर मौलाली, सीआर एवन्यू होते हुए धरमतल्ला पहुंची। इस महारैली के उपरांत धर्मशाला के पास ही रानी रासमोनी एवेन्यू में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। जिसमें राज्य सरकार के शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ कई महत्वपूर्ण वक्तव्य रखे गए।