जयपुर, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ से सम्बद्ध राजस्थान विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) की विस्तृत प्रदेश कार्यकारिणी बैठक आज देराश्री शिक्षक सदन जयपुर में संपन्न हुई। बैठक में महामंत्री ने गत बैठक का कार्यवाही विवरण सदन के समक्ष रखा जिसे सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया । इसके बाद शिक्षकों की निरंतर लंबे समय से चली आ रही लंबित समस्याओं के संबंध में सदस्यों ने अपनी बात रखते हुए पिछले तीन वर्षों से प्रोफेसर और प्राचार्य पद पर पदोन्नति सीएएस पदोन्नति नहीं होने, महाविद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं और मानवीय संसाधनों की कमी आदि पर गहरा रोष प्रकट किया ।
थानागाजी एसडीएम द्वारा रीट परीक्षा के अतिरिक्त केंद्राधीक्षक डॉ. कन्हैया लाल मीणा के साथ किए गए दुर्व्यवहार की सदन द्वारा जोरदार भर्त्सना की गई तथा शिक्षक गरिमा बनाए रखने के लिए राज्यव्यापी अभियान चलाने का निर्णय लिया गया ।
बैठक में महामंत्री ने इस वर्ष की सदस्यता की जानकारी देते हुए बताया कि सदस्यता पिछले वर्ष से बढ़कर 4107 हो गई है तथा राज्य भर के शिक्षकों ने रुक्टा (राष्ट्रीय) में अपना विश्वास व्यक्त किया है । बैठक में आगामी कार्यक्रम आजादी के अमृत महोत्सव, कोरोना काल में सेवा कार्य और प्रदेश अधिवेशन के बारे में भी विस्तृत विचार विमर्श किया।
बैठक को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के संगठन मंत्री महेन्द्र कपूर ने शिक्षा, शिक्षार्थी और राष्ट्र के हित में और अधिक सक्रियता से कार्य करने का आह्वान किया । अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अध्यक्ष प्रो. जे. पी. सिंघल, रुक्टा (राष्ट्रीय) अध्यक्ष डॉ. दीपक शर्मा, रुक्टा (राष्ट्रीय)संगठन मंत्री डॉ दिग्विजय सिंह शेखावत, महामंत्री सहित 50 से अधिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे । बैठक में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के नवनियुक्त प्रदेश संगठन मंत्री घनश्यामजी का शॉल श्रीफल और पुष्पगुच्छ देकर सम्मान भी किया गया ।
