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व्यक्ति की शिक्षा ही उसे भविष्य के लिए तैयार करती है- प्रो. विनोद कुमार सिंह

बीकानेर, 12 जनवरी 2022,  महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को युवा दिवस तथा कर्तव्य बोध दिवस के रूप में धूमधाम से मनाया गया । इस अवसर पर विश्वविद्यालय में “स्वामी विवेकानंद: इट्स आल इन दी माइंड” विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया । संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद एक ऐसे महापुरुष थे, जिनके विचारों को आदर्श मानकर युवा सदैव उनसे प्रेरित होते हैं । प्रो. सिंह ने कहा कि स्वामीजी सदैव मानते थे कि व्यक्ति की शिक्षा ही उसे भविष्य के लिए तैयार करती है । इसलिए शिक्षा में उन तत्वों का होना आवश्यक है जो उसके भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हो । स्वामीजी के जीवन से जुड़े कुछ संस्मरणो की सहायता से उन्होंने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि वे राष्ट्र निर्माण के लिए सदैव तत्पर रहें । उन्होंने स्वामी विवेकानंद के लेखन को पुनर्जीवित करने का महत्त्व बताया। समाज के सभी तबको का आव्हान किया कि स्वामीजी के काम पुस्तकालय में पड़े अनमोल रत्नों की तरह हैं, इसलिए उन्हें उठाएं और उनके कार्यों और जीवन से प्रेरणा लेकर आपकी  नीरस जिंदगी में चमक जोड़ें ।
प्रो. अरविन्द पारीक, विभागाध्यक्ष, वनस्पति विज्ञान विभाग, महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर ने मुख्य अतिथि के तौर पर बोलते हुए स्वामी जी के द्वारा प्रतिपादित पारिस्थितिक आध्यात्मवाद के महत्व पर प्रकाश डाला । उन्होंने स्वामीजी अनुसार युवा कौन हैं इस विषय पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को अवगत कराया कि स्वामीजी चाहते थे कि युवा सनातन संस्कृति की अच्छाइयों को आत्मसात करे । प्रो. पारीक ने युवाओं का आव्हान किया की उन्हें  अपनी जिज्ञासा शांत करने में निडर एवं साहसी होना चाहिए ।  उन्होंने कहा कि  हम कर्म स्वामी की तरह करें ताकि हमारे कर्म में प्रेम का समिश्रण हो जिससे कर्म में आनंद की अनुभूति हो सके ।
 वेबिनार का संचालन डॉ. प्रगति सोती ने किया तथा डॉ. अभिषेक वशिष्ठ ने धन्यवाद् ज्ञापित  किया । इस अवसर पर प्रो. अनिल कुमार छंगाणी, प्रो. राजाराम चोयल और विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं विद्यार्थियो ने सहभागिता की।
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