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अभ्यास वर्ग कार्यकर्ता के व्यक्तित्व विकास का सर्वाधिक सफल मार्ग है-प्रहलाद शर्मा

उदयपुर ।  राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय का  दो दिवसीय सम्भाग स्तरीय अभ्यास वर्ग उदयपुर स्थित विद्यानिकेतन विद्यालय में आयोजित हुआ। कार्यक्रम  के समापन सत्र में संभागियों को सम्बोधित करते हुये प्रदेश संगठन मंत्री प्रहलाद शर्मा ने कहा कि कार्यकर्ताओ के व्यक्तित्व विकास का सर्वाधिक सफल मार्ग अभ्यास वर्ग है। इसमें उसका व्यक्तित्व तप कर बाहर निकलता है।
सामान्यतया जब रविवार अवकाश का दिन हो तब लोग अपने परिवार के साथ घूमने जाने या उनके साथ रहना  पसंद करते है। तब राजस्थान शिक्षक संघ(राष्ट्रीय) का शिक्षक जिला बैठकों, प्रदेश बैठकों या अभ्यास वर्गों में जाकर कड़ा श्रम करता है। किसी गुरुकुल के विद्यार्थी की भांति यहां व्यक्ति, व्यक्तित्व विकास व राष्ट्र चिंतन, शिक्षकों -बालकोंकी समस्याओं के समाधान, शिक्षाधिकारियों से संबंध,संगठन के अनुशासन,एकजुटता,परस्पर स्नेह, योग- प्राणायाम, शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, शिक्षा विभाग के नए नए फरमान, गैर शैक्षणिक कार्यो के साथ शिक्षक की भूमिका आदि अनेक बिन्दुओ पर संगठन चिंतन कर कार्यकर्ता निर्माण करता है।  आचार्य चाणक्य ने अपने राजनीति शास्त्र में कहा था कि किसी भी देश में ‘शांति काल में जितना स्वेद बहेगा, उस देश में, युद्ध काल में उससे दुगुना रक्त बहने से बचेगा’।
राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के अभ्यास वर्ग में आये शिक्षार्थी, आचार्य चाणक्य की कल्पना पर ही देश के शांति काल में कल्पना, योजना, निर्माण, रचना पर अथक परिश्रम करते हुए सतत कर्मशील रहने तथा अपना पसीना बहाने का संकल्पित प्रशिक्षण लेते हैं। उक्त  प्रशिक्षण उनके बालकों के भविष्य, आजीविका,व्यावसायिक अथवा कार्यालयीन कार्यकुशलता में वृद्धि के लिए सुविधाजनक होटलों में या रिसोर्ट्स में आयोजित नहीं होते हैं बल्कि ये शिक्षा वर्ग बिना किसी भौतिक या व्यक्तिगत लाभ की दृष्टि से किसी सामान्य से विद्यालय के कक्षों व प्रांगणों में आयोजित होते हैं।
इन वर्गों का पाठ्यक्रम, राष्ट्रवाद के परिप्रेक्ष्य में, व्यक्ति की शारीरिक व बौद्धिक क्षमता दोनों के तीव्र विकास के लक्ष्य से तय होता है।यही कारण है कि राज्य ही नही अपितु देश में सर्वाधिक अनूठे, विशाल, अनुशासित, लक्ष्य समर्पित, तथा राष्ट्र प्रेमी संगठन के रूप में राजस्थान शिक्षक संघ(राष्ट्रीय) की पहचान है। इस वर्ग के पाठ्यक्रम में मोटे तौर पर प्रतिदिन विभिन्न सत्रों में बौद्धिक विकास तथा शारीरिक विकास के कार्यक्रम रखे जाते हैं। अभ्यास वर्ग प्रशिक्षित कार्यकर्ता को अधिक निपुण, प्रवीण तथा पारंगत बना देता है।
प्रदेश महिला मंत्री जयमाला पानेरी ने कहा कि शिक्षक संघ राष्ट्रीय के विषय में यह तथ्य भी बड़ा ही सटीक, सत्य तथा सुस्थापित है कि संगठन का कार्य संसाधनों से अधिक भावना तथा विचार आधारित होता है। यदि आपका संघ के कार्यकर्ताओं से मिलना जुलना होता है तो एक शब्द आपको बहुधा ही सुनने को मिल जाएगा, वह शब्द है संघदृष्टि। यह संघदृष्टि बड़ा ही व्यापक अर्थों वाला शब्द है। संघदृष्टि को विकसित करने का ही कार्य अभ्यास वर्ग में होता है। किस प्रकार समग्र चिंतन के साथ संगठन आगे बढ़े इसका प्रशिक्षण इन वर्गों में दिया जाता है। वसुधैव कुटुम्बकम, सर्वे भवन्तु सुखिन:, धर्मो रक्षति रक्षित:, इदं न मम इदं राष्ट्रं जैसे अति व्यापक अर्थों वाले पाठ व्यक्ति के मानस में सहज स्थापित हो जायें यही लक्ष्य होता है। ये वर्ग व्यक्ति में केवल भाव परिवर्तन या भाव विकास में सहयोगी होते हैं और संभवत: यही व्यक्तित्व विकास का सर्वाधिक सफल मार्ग भी है
डॉ.ऋषिन चौबीसा ने कहा कि शिक्षा, शिक्षक एवं शिक्षार्थी सम्बन्धी समस्याओं का अध्ययन करना, सुझाव देना एवं उनका निराकरण करवाना संगठन का मुख्य उद्देश्य है । जिलाध्यक्ष भेरूलाल तेली ने अपने उदबोधन में कहा कि संगठन का ध्येय वाक्य -राष्ट्र हित में शिक्षा, शिक्षा हित में शिक्षक और शिक्षक हित में समाज  की बात कही ।
जिला मंत्री चन्दनमल बागडी एवं प्रदेश मिडिया सदस्य पारस जैन ने बताया की सम्भाग की 77 उपशाखाओं के अध्यक्ष,मंत्री,महिला मंत्री,कोषाध्यक्ष एवं एक वरिष्ठ सक्रिय कार्यकर्ताओं सहित 340 दायित्ववान कार्यकर्ताओ ने दो दिवसीय मण्डल स्तरीय अभ्यास वर्ग विद्यानिकेतन विद्यालय सेक्टर 4 में आयोजित कर  शिक्षक , शिक्षार्थी  एवं समाज हित के कार्यो पर मंथन किया गया ।
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