राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ गुजरात के चारों संभाग की स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव एवं गुरु वंदन समारोह आयोजन
हेतु 12,13 और 14 जुलाई 2022 के दौरान चारों संभाग की ऑनलाइन बैठक का आयोजन प्रदेश अध्यक्ष भीखा भाई पटेल की अध्यक्षता एवं अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहन पुरोहित की उपस्थिति में आयोजित हुई।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक के माध्यमिक संवर्ग के उपाध्यक्ष और गुजरात के प्रभारी मोहन पुरोहित ने चारों
संभाग में मुख्य वक्ता के नाते मार्गदर्शन देते हुए कहा की गुरु पूर्णिमा निमित्त सभी विद्या प्रदाता शिक्षक भाई बहिनों को नमन, वंदन और बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं। भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा पुरातन काल से चली आई है। रामकृष्ण परमहंस जैसे परम गुरु के बदोलत ही स्वामी विवेकानंद जैसी महान विभूति हमें प्राप्त हुई। गुरु कैसे जीवन की दशा और दिशा बदल देते हैं, मानव से महामानव बनाते हैं यह बताने का और गुजरात की विद्यार्थी रूपी श्रेष्ठ पीढ़ी निर्माण का श्रेष्ठ माध्यम गुरु वंदन कार्यक्रम है। स्वामी विवेकानंदजी ने विदेश में जाकर अपने प्रखर ज्ञान के माध्यम से भारतीय संस्कृति की ऐसी सुगंध फैलाई की उनसे प्रभावित होकर भगिनी निवेदिता जैसी विदेशी नागरिक भी भारत में आकर अपने अंतिम क्षण तक मां भारती की सेवा करती रही। गुरु अपने जीवन के सारे कड़वे- मीठे अनुभव से शिष्य का जीवन महान बनाते हैं। गुरु वंदना कार्यक्रम आयोजन के बारे मे प्रारम्भ से समापन तक करणीय कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि व्यक्ति पूजा नहीं कर परम श्रद्धेय वेद व्यास जी, श्री गुरुजी, रामकृष्ण परमहंस, हेडगेवार जी, स्वामी विवेकानंद जैसे अनेक महान गुरुओ के प्रेरणादाई जीवन के बारे में सभी को बताएं एवं शिक्षक रूप मे हमारी शिक्षक, संगठन, शिक्षार्थी एवं भारत माता को परम् वैभव पर पहुचानें मे पूर्ण मनोयोग से अपनी भूमिका निभाए।
स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के आयोजन के बारे में बताते हुए मोहन ने कहा की यह हम सब भारतवासीयों के लिए आनंद उल्लास एवं गौरव का पर्व है, लाखों नाम और अनाम देशभक्तों के संघर्ष और शहादत की बदोलत हमें स्वतंत्रता मिली है और इसके 75 वे वर्ष में हम सब को मिलकर बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाना चाहिए। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ 1अगस्त 2022 को पूरे भारत में डेढ़ लाख से अधिक विद्यालय में भारत माता पूजन और स्वतंत्रता के सेनानी के परिवार का सम्मान, और 3000 से ज्यादा कॉलेज में व्याख्यान माला एवं 300 से ज्यादा विश्वविद्यालयों में सेमिनार का आयोजन किया जाएगा।
इस कार्यक्रम की सफलता हेतु प्रांत, जिला, तहसील और मंडल स्तर आयोजन किये जाने हैं। जिले की बैठक इसके बाद तहसील और मंडल की बैठक करके सभी में कुछ मंडल में जहाँ बाकी है वहां इस निमित्त समिति का गठन किया जाए। मंडल के जिन विद्यालयों में इस कार्यक्रम का आयोजन करना है, वहां जाकर शाला परिवार एवं गांव के लोगों के साथ भी चर्चा विमर्श किया जाए। सभी विद्यालयों में भारत माता का फोटो स्टीकर पहुंचाया जाए।
स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव आयोजन का बहुत महत्व है क्योंकि 15 अगस्त 1947 के दिन भारत स्वतंत्र हुआ। स्वतंत्रता हमें ऐसे ही नहीं मिली है। स्वतंत्र सेनानी ने अपने प्राणों की आहुति दी है, मां बहनों ने अपने सुहाग एवं भाई को मां भारती की आजादी के लिए समर्पित किया है। कितनी माताओं ने अपने गहने और मंगल सूत्र तक मां भारती के चरणो में अर्पण कर दिया। बिरसा मुंडा से लेकर मजदूर, किसान, कर्मचारी, अधिकारी,नौजवान भारतीय, वनवासी, संत महात्माओ ने मां भारती को स्वतंत्र कराने के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया तब जाकर हमें स्वतंत्रता मिली है। हमें स्वराज तो मिल गया सुराज स्थापित हो यह चाहत है। स्वतंत्रता के आंदोलन हम सब तो इस धरती पर नहीं थे, पर 75 वे वर्ष में हमें अवसर मिला है कि भारत में सुराज के स्थापन हेतु अपना बहुमूल्य योगदान दें। एबीआरएसएम के माध्यम से हमें हर एक विद्यालय और गांव-गांव तक पहुंच कर भारत में सुराज की स्थापना करनी है। जन-जन को जगाना है और हर एक के मन में भारत को बसाना है। “जन जन भारत हर मन भारत “का नारा पूरे भारत में जगाना है। हमारा भारत सोने की चिड़िया कहलाता था। विश्व की जीडीपी में भारत का बहुमूल्य योगदान था । भारत विश्व गुरु कहलाता था। विदेशी आक्रांताओ के कारण देश की यह दुर्दशा हुई है। पर अब हमें सब को जगाना है और मां भारती को पुनः वैभव प्रदान करके फिर से सोने की चिड़िया एवं विश्व गुरु बनाना है। और सौभाग्य से हमें आज यह अवसर प्राप्त हुआ है। इस कार्यक्रम के माध्यम से हमारे संगठन को भी हमें बहुत ऊंचाइयों पर पहुंचाना है।
यह कार्यक्रम 1 अगस्त को पूरे भारत में एक साथ एक ही दिन मनाना है। हर एक गांव में रैली के माध्यम से गांव के मुखिया ,गांव के लोगो, विद्यार्थी सब विद्यालय में पहुंचेंगे। वहां पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके बाद विद्यालय में यह रैली सभा के रूप में परिवर्तित की जाएगी। वहां भारत माता का पूजन के बाद गांव की स्वतंत्रता सेनानी की परिवार का सम्मान और वक्ता के द्वारा विषय पर शानदार वक्तव्य देकर गांव वाले और विद्यार्थियों को स्वराज से सुराज की स्थापना कैसे करना है, इस हेतु बहुमूल्य मार्गदर्शन प्रदान करना है। कल्याण मंत्र के बाद समापन करके टोली दूसरे विद्यालय के लिए प्रस्थान करेगी। इसी तरह कम से कम 3 विद्यालयों में एक टोली के द्वारा तीन कार्यक्रम होंगे । पूरे भारत में डेढ़ लाख से ऊपर कार्यक्रम होंगे। और इसके बाद 15 अगस्त को जिले का मुख्य कार्यक्रम होगा, जिसमें गणमान्य नागरिकों, शिक्षको, प्राध्यापको, सबको आमंत्रित कर भव्य समारोह का आयोजन किया जायेगा । इस पूरे कार्यक्रम की तैयारी से लेकर कार्यक्रम तक बहुत ही सुंदर तरीके से वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी करके डॉक्यूमेंट्री तैयार की जाएगी ।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्राथमिक संवर्ग के सचिव और गुजरात के प्रांत अध्यक्ष भीखा भाई पटेल ने बताया कि 1 अगस्त का कार्यक्रम एक अभूतपूर्व कार्यक्रम है। यह एक ऐतिहासिक कार्यक्रम बनने जा रहा है,जिसके हम साक्षी बनने जा रहे हैं। यह हमारे लिए गौरव की बात है। हमें अभी से ही राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहन पुरोहित द्वारा बातों को ध्यान मे रख कार्यक्रम का इतना प्रचार प्रसार करना चाहिए कि हर विद्यालय, हर गांव में 1 अगस्त के कार्यक्रम की चर्चा हो। व्हाट्सएप, सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रिक मीडिया के माध्यम से हमें जन-जन तक स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के बारे में जानकारी पहुंचानी है। इस हेतु माइक्रो प्लानिंग करके यह कार्यक्रम को हमें सफल बनाना है। बैंड बाजा ,ढोल नगाड़े और तिरंगे के साथ भव्य जुलूस निकालना है। विद्यालयों को भव्य रंगोली एवं फूलों से सजाना। सभी को पूर्ण मनोयोग से इस कार्यक्रम में लग कर कार्यक्रम को सफल बनाना है। इन्होने यह भी बताया कि साहित्य और भारत माता की तस्वीर 25000 विद्यालयों हेतु बनकर तैयार है और इसी सप्ताह चारों सम्भाग मे पूर्व निर्धारित बैठक मे वितरित करेंगे।
प्रांत महामंत्री मितेश भाई भट्ट ने बताया की अगले शनिवार और रविवार को सभी संभागों की ऑफलाइन बैठक होगी और इसमें साधन -सामग्री का वितरण किया जाएगा। अंत में कल्याण मंत्र करके सभी बैठकों का समापन किया गया।