दिल्ली। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर दिल्ली अध्यापक परिषद महिला संवर्ग की प्रांतीय बैठक संपन्न हुई। इस अवसर पर परिषद उपाध्यक्ष सरोज शर्मा ने संगठन परिचय देते हुए दिल्ली अध्यापक परिषद की स्थापना और इसके उद्देश्य को रेखांकित किया। इसके साथ अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की संबद्धता और व्यापकता की चर्चा करते हुए बहनों से संगठन के विस्तार में अपना बहुमूल्य योगदान देने का आग्रह किया।
दिल्ली अध्यापक परिषद के संरक्षक जयभगवान गोयल ने अपने वक्तव्य में कहा कि, दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में बहनों की संख्या लगभग 60% है। लेकिन संगठन में भागीदारी बहुत कम है। महिला संवर्ग बैठक का मूल उद्देश्य बहनों की भागीदारी बढ़ाना है और यह कार्य बहनों की सक्रियता से ही संभव हो सकता है। प्रत्येक कार्यकर्ता बहन समय निकालकर दूसरे विद्यालय में प्रवास करें, महिला शिक्षकों से संपर्क करें, उनकी समस्याओं को सुनें और उनके घर तक का संपर्क स्थापित करें। आत्मीयता बढ़ने के उपरांत ही संगठन के साथ बहनों को जोड़ा जा सकता है।उन्होंने कहा कि जो अभी प्रवास नहीं कर पा रहे हैं वे भी प्रवास की दिशा में सोचने का प्रयास प्रारंभ करें।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के उत्तर क्षेत्र प्रमुख जगदीश कौशिक ने अपने उद्बोधन में नारी शक्ति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि, बहनों की असीम शक्ति का एक अंश अगर संगठन के विस्तार में लग जाय तो संगठन की क्षमता कई गुणा बढ़ सकती है। इस मौके पर नई दिल्ली नगरपालिका परिषद निकाय अध्यक्ष शिवेंद्र सिंह चौहान ने भी नारी शक्ति के सम्मान में स्वलिखित गीत से सभी को भाव विभोर कर दिया।
परिषद अध्यक्ष वेद प्रकाश ने महिला संवर्ग को दिशा देने हेतु सभी जिलों में शीघ्र बैठक करने का आग्रह किया। जिले की कार्यकारिणी और प्रांतीय महिला संवर्ग कार्यकारिणी घोषित कर अधिक से अधिक महिला कार्यकर्ता को संगठन के कार्यों से परिचय कराकर संगठन में भागीदारी के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
बता दें, कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली प्रांत महिला प्रमुख बहन डॉ सुदेश शर्मा ने किया। मंच संचालन इंदु राठी ने किया।