“बंगाल बाघ” नाम से विख्यात सर आशुतोष मुखोपाध्याय के जन्मदिवस के अवसर पर, उनके जीवन के आदर्शों से प्रेरणा लेकर “बंगीय शिक्षक व शिक्षाकर्मी संघ” ने राज्य के विभिन्न जिला व ब्लॉक स्तर पर जरूरतमंद विद्यार्थियों को सहायता करने के लिए कई कार्यक्रमों का आयोजन किया। जिसके तहत संगठन की ओर से राज्य के सभी तेईस जिलों में कुल एक हजार छात्र- छात्राओं को अभ्यास पुस्तिका, कलम,पेंसिल, रबड़, बैग जैसी आवश्यक शिक्षण सामग्री प्रदान की गयी ,ताकि पूरे वर्ष उनके पढ़ाई में कोई बाधा उत्पन्न ना हो।
एक शिक्षाविद के रूप में आशुतोष मुखोपाध्याय के उपलब्धियों को भुलाया नहीं जा सकता, राष्ट्र सदा उनका ऋणी रहेगा। आज के दिन उनको याद करके ‘अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ’ से समबद्ध शिक्षक संगठन ‘बंगीय शिक्षक व शिक्षाकर्मी संघ’ ने उनको श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए संगठन राज्य महामंत्री बापी प्रमाणिक ने कहा कि ‘इस करोना महामारी के दौर में गरीब असहाय छात्र-छात्राएं अभाव की स्थिति में कहीं शिक्षा से विमुख ना हो जाए, इसलिए यह सहायता की गई है।’ उन्होंने कहा कि ‘हमें पूरा विश्वास है कि संगठन की ओर से किए गए इस प्रयास से छात्र-छात्राओं के पठन-पाठन को उत्साह मिलेगा। विद्यार्थियों के हित के लिए हमारा संगठन कटिबद्ध है, इसलिए हमलोग पहले भी, अब भी और भविष्य में भी छात्र-छात्राओं के सहायता एवं हित के लिए सदा प्रयासरत रहेगें।’
संगठन के अध्यक्ष आशीष कुमार मंडल ने कहा कि ‘करोना एवं लॉकडाउन के इस स्थिति में गरीब एवं असहाय लोगों को बहुत क्षति हुई है। परिवार के भरण-पोषण के लिए बाल मजदूरी की समस्या भी बढ़ गई है। गरीब विद्यार्थियों को शिक्षा से जुड़ी जरूरी सामग्री व सुविधा मुहैया नहीं हो पा रही है, जिसके कारण ड्रॉपआउट की समस्या भी बढ़ रही है। ऐसी विषम परिस्थिति में शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों में रुचि जगी रहे इसलिए ऐसे कार्यक्रम जरूरी है।’ इस अवसर पर संगठन के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।