कोलकाता, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,पश्चिम बंगाल,के आह्वान पर संघ के तीनों अनुगामी संगठन प्राथमिक स्तरीय बंगीय नव उन्मेष प्राथमिक शिक्षक संघ, माध्यमिक स्तर के बंगीय शिक्षक व शिक्षाकर्मी संघ और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में जातीयतावादी अध्यापक व गवेशक संघ ने राज्य के शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्टाचार एवं आरजकता से मुक्त करने के लिए माननीय शिक्षा सचिव (विकास भवन) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने से पूर्व पांच हजार शिक्षकों ने पूर्वीय क्षेत्र के संस्कृत केंद्र सॉल्टलेक से पदयात्रा करते हुए विकास भवन पहुंचे।
͗एक देश एक पाठ्यक्रम͗ व `͗एक देश एक वेतन क्रम͗ के मांग पर सभी शिक्षकों ने उत्साह के साथ महासंघ के इस महा अभियान में भाग लिया। प्राथमिक स्तर के सभी शिक्षकों को न्यायसंगत वेतन मिले, ग्रेड-पे से जुड़े समस्याओं का समाधान हो, ई एल को मंजूरी मिले, शिक्षकों के स्थानांतरण एवं नियुक्ति जैसे व्यवस्थाओं में पारदर्शिता आए, मध्यशिक्षा का पठन-पाठन भारतीय संस्कृति एवं मूल्य बोध आधारित हो, प्रत्येक वर्ष एस०एस०सी० के माध्यम से शिक्षकों की क्षेत्रवार नियुक्ति हो, स्पेशल ट्रांसफर के नाम पर आर्थिक प्रताड़ना को दूर करके मेधा, दूरत्व एवं अनुभव के आधार पर स्वच्छ एवं पारदर्शी तरीकों से शिक्षकों का स्थानांतरण हो, पार्श्व-शिक्षक एम०एस०के०, एस०एस०के०, कंप्यूटर एवं लाइब्रेरियन सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं शिक्षाकर्मियों का वेतन के असंतुलन को मिटाया जाए।
केंद्र के आधार पर ही “एक देश एक वेतन मान” लागू हो।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों में सभी प्रकार की नियुक्तियां रोस्टर आधारित सर्विस कमीशन के माध्यम से हो। स्वच्छ एवं पारदर्शी तरीके से गैर सरकारी कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों शिक्षकों की नियुक्ति हो। सभी शिक्षा प्रांगण अराजकता एवं नशा मुक्त हो।
इस अभियान की सफलता पर अपने विचार रखते हुए बंगीय शिक्षक व शिक्षाकर्मी संघ के महामंत्री बापी प्रमाणिक ने कहा कि एक सभ्य समाज के निर्माण के लिए यह जरूरी है कि राज्य के शिक्षा जगत में व्याप्त आरजकता दूर हो। वर्तमान विकट परिस्थिति में विद्यार्थियों का मानसिक एवं बौद्धिक विकास संभव नहीं है। राज्य में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का क्रियान्वयन करने के लिए एक बेहतर बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है।
राज्य के शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए बंगीय शिक्षक व शिक्षाकर्मी संघ के राज्य अध्यक्ष आशीष कुमार मंडल ने कहा कि इस पदयात्रा में भारी संख्या में शिक्षक – शिक्षिकाओं की उपस्थिति अत्यंत उत्साहवर्धक है I हमें इस बात का दृढ़ विश्वास है कि आगामी दिनों में राज्य के शिक्षा जगत का परिवेश अराजकता मुक्त होगी।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए संगठन की ओर से उपस्थित बंगीय नव उन्मेष प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य महामंत्री कानूप्रिय दास, अध्यक्ष अनिमेष मंडल, जातीयतावादी अध्यापक व गवेशक संघ के राज्य महामंत्री अध्यापक कृष्ण सरकार,अध्यक्ष अध्यापक देवमाल्य दत्त और सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं शिक्षा कर्मी अन्य गणमान्य सज्जन उपस्थित रहे I

