सूरत के वराछा में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के सभी जोन के पदाधिकारियों की उपस्थिति में 27 साल पुरानी 4200/– ग्रेड पे की मांग को स्वीकारे जाने की खुशी में बैठक हुई। इस बैठक में सूरत महानगर के राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के नवनियुक्त पदाधिकारियों के साथ प्रांतीय अध्यक्ष भीखाभाई पटेल भी मौजूद थे।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने इस मुद्दे को हल करने का लगातार प्रयास किया है। इस सफलता के लिए कुबेरभाई डिंडोर साहब और सूरत के विधायक एवं शिक्षा मंत्री प्रफुल्ल भाई पानशेरिया साहब का धन्यवाद व्यक्त किया गया।
इस मौके पर संगठन के अन्य एजेंडा पर भी बात हुई। कैसे शिक्षकों को मृत्यु अनुदान मिले, 2004 से पूर्व लगे शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का संकल्प, सहायक शिक्षकों को विशेष अवकाश का अधिकार, यू.आर.सी. एवं सी.आर.सी. के मामलों पर बात हुई। प्रांतीय अध्यक्ष ने आश्वासन दिया की जल्द से जल्द इन समस्याओं का भी निराकरण होगा।
पदाधिकारियों के साथ बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष भीखाभाई पटेल ने कहा कि सूरत निगम में जब से एक पुराना संगठन हमारे साथ आया है, तब से संगठन और अधिक मजबूती के साथ ग्रेड पे के लिए काम कर रहा है। मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्रियों के समन्वय और ईमानदारी से काम हो रहा है। शिक्षकों के अन्य मुद्दों को भी हल करने का प्रयास किया जा रहा है।
बता दें, इस बैठक में शहर प्राथमिक शिक्षा समिति के विमलभाई देसाई, सूरत के शासना अधिकारी और संगठन मंत्री सरदारसिंह मछार, प्राथमिक के सह-संगठन मंत्री परेशभाई पटेल उपस्थित रहे। इसके अलावा बैठक में संभाग कि महिला संगठन मंत्री स्नेहलबेन पटेल और सूरत जिले के महामंत्री निलेश भाई पांड्या, भरूच महामंत्री कमलेश भाई पटेल, सूरत महानगर के अध्यक्ष महेशभाई पटेल, महामंत्री दिनेशभाई वाघ व संगठन मंत्री जिग्नेश भाई ठाकर सहित 70 से अधिक पदाधिकारी मौजूद थे।