अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर पूरे भारत में 12- 25 जनवरी कर्तव्य बोध दिवस मनाया जा रहा है। श्रद्धेय स्वामी विवेकानंद जी के जन्मदिन से लेकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन तक के पावन पखवाड़े को “कर्तव्य बोध दिवस”*के रूप में मनाया जाता है। स्वामी विवेकानंद और नेताजी के आदर्श चरित्र जीवन ने पूरे विश्व को आलोकित किया है। त्याग, आदर्श, समाज व राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कर्तव्य परायण जीवन हम भारतीयों के मन में ऊर्जा भर्ती है। इतने महान दिव्य एवं प्राण पुरुषों की प्रासंगिकता को बनाए रखने के लिए अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने भारतवर्ष के सभी इकाई और पश्चिम बंगाल के माध्यमिक शिक्षक इकाई “बंगीय शिक्षक व शिक्षाकर्मी संघ” की ओर से पूरे राज्य में कर्तव्य बोध दिवस पालन किया गया है।
बंगीय शिक्षक व शिक्षाकर्मी संघ आदर्श जीवन चरित्र और राष्ट्रीयबोध को संगठन का आधार मानती है। उसी को आत्मसात करके अपने कर्तव्य पथ पर निरंतर अग्रसर है। वर्तमान समय में जब अन्य संगठन अपने स्वार्थ सिद्धि में लिप्त है, ठीक उसके विपरीत बंगीय शिक्षक और शिक्षाकर्मी संघ राष्ट्र के प्रति अपने उत्तरदायित्व को निभाने में हमेशा तत्पर है।
बात दें, मकर संक्रान्ति के इस पावन दिन पर बंगाल राज्य के 23 जिलों के कुल 65 महकूमों में से 36 महाकूमों में एक साथ कार्यक्रम किया गया। प्रत्येक जिलों में आयोजित होने वाले इस प्रेरणा प्रद कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अत्याधिक शिक्षकों की उपस्थिति देखी गई। संगठन के राज्य समिति के प्रत्येक सदस्य किसी न किसी जिलें में उपस्थित रहे। इन कार्यक्रमों में उपस्थित शिक्षकों ने समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को पालन करने की शपथ ली।