Welcome To ABRSM NEWS

 

दिल्ली: अध्यापक परिषद ने केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा

दिल्ली। शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं और मांग के निराकरण के लिए अध्यापक परिषद ने केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा है। परिषद अध्यक्ष वेदप्रकाश के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया है। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में संरक्षक जयभगवान गोयल, महामंत्री राजेश पालीवाल, मीडिया प्रभारी अजय कुमार सिंह और विधि प्रकोष्ठ प्रमुख सूर्यदेव राणा उपस्थित रहे।

ज्ञापन में शिक्षकों की प्रमुख समस्या निम्न हैं

छठे वेतन आयोग के लागू होने के उपरांत एच.पी.एल (अर्द्ध वैतनिक अवकाश) तो दी गई लेकिन, ई.एल (अर्जित  अवकाश) प्रदान नहीं की गई। जबकि सातवें वेतन आयोग लागू होने के उपरांत ई.एल बहाल कर दी गई लेकिन एच.पी.एल हटा दिया गया। अध्यापक परिषद की मांग है कि वेतन आयोग की अनुशंसा के आधार पर 01.09.2008 से 13.12.2018 तक 20 एच.पी.एल के अलावा प्रति वर्ष 10 ई.एल भी दिए जाएं। और 14.12.2018 से अब तक 10 ई.एल के साथ साथ 20 एच.पी.एल भी दिए जाएं। इसके अतिरिक्त यह भी मांग रखी गई कि, चूंकि शिक्षक सप्ताह में 6 दिन कार्य करते हैं इसलिए नियमानुसार शिक्षकों को 8 दिन के बदले 12 दिन का आकस्मिक अवकाश मिलना चाहिए

दूसरी मांग, वेतन विसंगति को लेकर रखी गई जिसमें बताया गया कि पी.बी-2 में भी 5400 ग्रेड पे है और पी.बी-3 में भी 5400 का ही ग्रेड पे है। प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक 10 वर्ष के उपरांत 4600 ग्रेड पे से 4800 के ग्रेड पे में आता है, और पुनः 10 वर्ष के बाद पी.बी-2 में ग्रेड पे 5400 में आता है लेकिन MACP मिलने पर पी.बी-2 में 5400 ग्रेड पे के स्थान पर पी.बी 3 में 5400 ग्रेड पे मिलना चाहिए। इसके निराकरण की आवश्यकता है।

तीसरी मांग, दिल्ली शिक्षा निदेशालय द्वारा प्रिंसिपल की सीधी नियुक्ति में 10 वर्ष स्नातक, स्नातकोत्तर या उपप्रधानाचार्य का *अध्यापन* अनुभव मांगा गया है। जबकि प्रधानाचार्य के पद पर *प्रोन्नति* के लिए 10 वर्ष, उपप्रधानाचार्य पद पर रहने का प्रशासनिक अनुभव अनिवार्य किया गया है। नियुक्ति नियम आर.आर के इस विसंगति की ओर भी मंत्री महोदय का ध्यान आकृष्ट कराया गया है।

शिक्षकों की अन्य मांगों को भी रखा गया जिसे मंत्री महोदय ने ध्यान से सुनने और समझने के बाद आश्वाशन दिया कि वेतन विसंगति और EL,HPL,CL की समस्या का समाधान शीघ्र कराने का प्रयत्न किया जाएगा । साथ ही उन्होंने प्रधानाचार्य के पद पर प्रोन्नति की विसंगति की समीक्षा का भरोसा दिया।

Written by
No comments

LEAVE A COMMENT