रायपुर, राजस्थान विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ(राष्ट्रीय) के तत्वावधान में ‘स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव’ के अंतर्गत “इंडिया से भारत की ओर” विषय पर व्याख्यान का आयोजन राजकीय महाविद्यालय, रायपुर में किया गया।
मुख्य वक्ता अजमेर विभाग के सचिव डॉ. एम आर देवड़ा ने स्वराज, स्वतंत्रता और आजादी शब्दों के अर्थ को स्पष्ट करते हुए, उनके अर्थ में भिन्नता को स्पष्ट किया तथा उन्होंने कहा कि भारतीय मध्यकाल में राजनीतिक तौर पर तो परतंत्र थे, लेकिन मानसिक और आध्यात्मिक रूप से स्वतंत्र रहे हैं। 15अगस्त,1947 को हमें स्वराज तो मिला लेकिन हम स्वतंत्र नहीं हुए, इसलिए हमें स्वतंत्र होने के लिए स्व का तंत्र विकसित करना होगा और इसके लिए हमें राजनीतिक, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से स्व का तंत्र खड़ा करना होगा इसलिए हमें भारत को जानो , भारत को मानो, भारत के बनो और भारत को बनाओ पर कार्य करते हुए आगे बढ़ना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. एन के वैष्णव ने स्वराज एवं स्वतंत्रता के महत्व को प्रतिपादित किया। इस अवसर पर अनेक संकाय सदस्य तथा विद्यार्थी मौजूद रहे।